दोहा:-
राम गरीब नवाज हैं,पथ के राखण हार !
पथराखी प्रहलाद की,गज की सुणी पुकार।
गज की सुणी पुकार,हरि आप पैदल आए |
लियो गज ने उबार, ग्राह से फंद छुड़ाए ||
अर्थ :-
परमात्मा (राम) उनके लिए कृपालु है, जो संतों के बताए रास्ते (पथ) पर चलते हैं! परमात्मा का रास्ता अपनाए रखा भक्त प्रहलाद ने तो भगवान को पैदल आना पड़ा |
हाथी (गज) और मगरमच्छ दोनों पानी में लड़ रहे थे, हाथी भगवान का भक्त था लेकिन पानी में मगरमच्छ के सामने हाथी (गज) का जोर कम पड़ गया ! तब उसने अपने भगवान को याद किया तो भगवान को पैदल दौड़ कर आना पड़ा । मगरमच्छ को मारकर भक्त को बचाना पड़ा ||
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